12th Pass Scholarship: गांव की बेटी योजना 2025 – 12वीं में 60% अंक वाली छात्राओं को मिलेगी छात्रवृत्ति
12th Pass Scholarship: गांव की बेटी योजना 2025 – 12वीं में 60% अंक वाली छात्राओं को मिलेगी छात्रवृत्ति
भारत जैसे देश में जहां ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, वहां मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष पहल की है। इस पहल का नाम है – गांव की बेटी योजना।
यह योजना साल 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई थी और आज भी मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि की मेधावी छात्राएं आर्थिक अभाव या सामाजिक कारणों की वजह से 12वीं के बाद पढ़ाई बीच में न छोड़ें।
सरकार चाहती है कि ये बेटियां स्नातक या फिर प्रोफेशनल कोर्स कर सकें और आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी एक पहचान बना सकें।
गांव की बेटी योजना का उद्देश्य
- ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच की खाई को कम करना।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को उच्च शिक्षा तक पहुंचाना।
- बेटियों को स्नातक और व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना।
- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
गांव की बेटी छात्रवृत्ति की राशि
गांव की बेटी योजना के अंतर्गत दो तरह की आर्थिक सहायता दी जाती है –
- साधारण स्नातक (Graduation) कोर्स करने वाली छात्राओं को
- ₹500 प्रति माह
- 10 महीनों में कुल ₹5000
- प्रोफेशनल कोर्स (इंजीनियरिंग, मेडिकल, तकनीकी शिक्षा आदि) करने वाली छात्राओं को
- ₹750 प्रति माह
- 10 महीनों में कुल ₹7500
यह छात्रवृत्ति तब तक जारी रहती है जब तक छात्रा अपनी पढ़ाई पूरी करती रहती है।
गांव की बेटी पात्रता मानदंड
इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं –
- छात्रा मध्य प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र से होनी चाहिए।
- 12वीं कक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक (प्रथम श्रेणी) अनिवार्य हैं।
- यह परीक्षा किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास की गई होनी चाहिए।
- सभी सामाजिक वर्ग की छात्राएं आवेदन कर सकती हैं।
- प्राथमिकता आर्थिक रूप से कमजोर व बीपीएल परिवारों की बेटियों को दी जाती है।
गांव की बेटी आवश्यक दस्तावेज
गांव की बेटी योजना में आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जरूरी हैं –
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- 12वीं की मार्कशीट
- समग्र आईडी
- कॉलेज/शाखा कोड
- बैंक पासबुक की प्रति
- आधार से लिंक बैंक खाता
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
गांव की बेटी आवेदन प्रक्रिया (ऑनलाइन)
- सबसे पहले छात्रा को मध्य प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल पर जाना होगा।
- समग्र आईडी से लॉगिन करना होगा।
- “गांव की बेटी योजना” का चयन करना होगा।
- आवेदन फॉर्म भरना होगा – नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम, स्कूल/कॉलेज का विवरण आदि।
- सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करने होंगे।
- आवेदन सबमिट करने के बाद उसकी प्रिंट कॉपी सुरक्षित रखनी होगी।
जब आवेदन की जांच पूरी हो जाती है और कॉलेज के प्राचार्य या संस्था से स्वीकृति मिल जाती है, तो छात्रा को दी जाने वाली राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
गांव की बेटी योजना से मिलने वाले फायदे
- आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन।
- ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच का अंतर कम होना।
- बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में मदद।
- गरीब परिवारों की बेटियों के सपनों को पूरा करने का अवसर।
- समाज में बेटियों की पढ़ाई के महत्व को बढ़ावा।
गांव की बेटी योजना का प्रभाव
साल 2006 से अब तक हजारों ग्रामीण छात्राओं ने इस योजना का लाभ उठाया है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और वे बेटियों की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाते थे, उनके लिए यह योजना संजीवनी साबित हुई है।
गांव की बेटी योजना ने न केवल बेटियों को स्नातक और प्रोफेशनल शिक्षा की राह दिखाई है बल्कि उन्हें समाज में अपनी पहचान बनाने का मौका भी दिया है।
गांव की बेटी योजना के लिए आवेदन कहां करें
गांव की बेटी योजना के लिए आवेदन केवल मध्य प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से किया जाता है।
पोर्टल लिंक: http://scholarshipportal.mp.nic.in
गांव की बेटी योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण छात्रवृत्ति योजना है जो ग्रामीण क्षेत्रों की मेधावी और मेहनती बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने में सहायक है। इस योजना से न केवल लड़कियां अपने सपनों को पूरा कर पा रही हैं बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
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एक शिक्षित बेटी परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज को बदलने की ताकत रखती है। यही कारण है कि यह योजना आने वाले समय में भी हजारों बेटियों की जिंदगी बदलने का काम करती रहेगी।